जब अन्ना हज़ारे ने खोले कुछ अनछुए राज़, 1975 से पहले पीते थे रम

अपने देश में सामाजिक आंदोलनों के आदर्श गांधीवादी अन्ना भी कभी दो पैग रम के लगाते थे। हालांकि वर्ष 1975 से उन्होंने शराब को हाथ तक नहीं लगाया। स्वामी विवेकानन्द के आदर्शों से प्रेरित होकर अन्ना ने ऐसी अटल प्रतिज्ञा की थी जिसपर वह आज भी कायम हैं। दिलचस्प यह कि अन्ना को आर्मी कोटे से आज भी रम की दो बोतल मिलती है जिसे वह कभी नहीें लेते।

बहरहाल हकीकत यह है कि सन् 1965 में जब अन्ना भारतीय सेना में शामिल हुए तो बर्फीली पहाडिय़ों पर तैनाती के वक्त काफी कम तापमान में उन्हें अपने साथी सैनिकों के साथ रम के दो पैग लगाने पड़ते थे। अन्ना ने ऐसी ही कुछ और राज की बातें अपने बारे में खुद सार्वजनिक कीं जब वे टीवी के द कपिल शर्मा शो में खास मेहमान बनकर पहुंचे।

शारीरिक तौर से सक्षम न होने के बावजूद आर्मी में शामिल हुए थे अन्ना-
अन्ना ने बताया कि सन् 1965 में इंडो-चायना वार के दौरान भारतीय सेना युवाओं की भर्ती कर रही थी। मुझमें भी देश की सेवा करने की इच्छा थी …मेरी छाती और हाईट सेना के मानकों पर खरी नहीं उतरी, इसके बावजूद देश के लिए सबकुछ न्यौछावर कर देने का मेरा जज्बा देखकर मुझे सेना में जगह मिल गई। बाद में वर्ष 1975 से मैं पेंशन पर आ गया था।

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