Shrimad Bhagavad Gita in Hindi, श्रीमद्भगवद्गीता के बारे में 15 रोचक तथ्य

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भारत को प्राचीन सस्कृतियों वाला देश माना जाता है। हमारे भारतीय भूमि पर अनेक महापुरुषो ने जन्म लिया है। बहुत से महापुरुषो ने ग्रंथो की भी रचना की है। महापुरुषो ने अपनी जीवनी भी लिखी है। इन ग्रंथो से लोग आज भी जीवन की सिख लेते हैं। ग्रन्थ जीवन जीने के तरीके के बारे में हमे ज्ञान देते हैं की हमे किस प्रकार का स्वभाव रखना चाहिए, किस प्रकार से बोलना चाहिए अनेक चीजो के बारे में बताते हैं। रामायण,महाभारत के बारे में तो सभी जानते हैं। लेकिन कुछ तथ्य ऐसे हैं जो सामने नही आये हैं। जानिये महाभारत के कुछ ऐसे ही रोचक तथ्यों के बारे में –


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छन्दों का संग्रह – गीता महाभारत में छन्दों का सबसे महत्वपूर्ण संग्रह है।

दुनिया में सभी जानते हैं –  हमने महाभारत के बारे में अपने बुजुर्गो से ही जाना है। दुनिया में सभी हिन्दू ह्मभार्ट के बारे में जानते हैं।

गीता सिखाती है जीवन जीना –  गीता एक एसा संग्रह है जिसमे भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को जीवन का अर्थ बताया गया है।

श्रीकृष्ण व अर्जुन का संवाद – गीता भगवान श्रीकृष्ण और पांडव कुमार अर्जुन के बिच के संवाद का महाकाव्य है।

भगवत गीता है महाकाव्य – भगवद् गीता में 18 अध्याय हैं जिसमे कुल 700 छंद हैं और यह तीन हिस्सों में विभाजित है जिसमे प्रत्येक हिस्से में 6-6 अध्याय हैं।

18 नम्बर का महत्व – महाभारत महाकाव्य में यह देखा जा सकता है की 18 नम्बर कई जगह प्रयोग हुआ है। 18 नम्बर का अर्थ है ‘जया’। जया का मतलब होता है बलिदान। जरासंध का 18 बार आक्रमण,और यह भी कहा जाता है की पांडवो के पास 11 अक्षौहिणी सेना थी जबकि कौरवो के पास 7 अक्षौहिणी सेना थी। इसका कुल जोड़ 18 होता है। महाभारत में 18 अंक महत्वपूर्ण रहा था।