हिंदुओं को ज्ञान बाटने वाली बिकाऊ मीडिया कल 200 लाख करोड़ के ख़ात्मे पर क्यूँ है ख़ामोश?

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जब भी हिन्दुओ का फेस्टिवल आता है तो मिडिया पानी बचाने की बात करती है, पठाके ना बजाने की बात करती है। होली पर कहती है की पानी की बर्बादी होती है तो दीपावली पर कहती है प्रदुषण होता है। पर किसी ने भी क्रिसमस के दिन ऐसा नही कहा की इस दिन भी कुछ भी ना करों। एक रिपोर्ट के अनुसार इस क्रिसमस नोटबंदी के चलते भी 200 लाख करोड़ रुपए फूंके गये हैं। पर ना किसी मिडिया ने कहा की इस दिन को पार्टी ना करने और ना ही किसी ने कहा की इस दिन को पटाखे ना बजाए। यहाँ तक किसी ने भी इसका विरोध नहीं किया। वैसे मिडिया को सिर्फ हिन्दुओ का ही त्योंहार दीखता हैं। वैसे ईद के मौके पर जो होता है वो किसी से छुपा नहीं हुआ है।

शिवरात्रि पर दूध मत बहाओ – मिडिया ने शिवरात्रि पर कहा की आप दूध की बर्बादी कर रहे हो , वही दूध आप किसी गरीब को बाँट सकते हो। ऐसे में मिडिया ने क्रिसमस के दिन नहीं कहा की आप किसी गरीब का पेट भराओ या किसी को अन्न दान करो। भिया वो हिन्दुओ का नहीं था ना ..

दिवाली पर होता है प्रदुषण – दीवाली से 10 दिन पहले ही न्यूज़ में आने लग जाता है की प्रदुषण से ऐसा होता है वैसा होता है। भिया किसी ने यह नहीं बताया की पटाखों से अनेक बीमारियाँ भी खत्म होती है। किसी ने यह नहीं बताया की घर में दिया जलाने से प्रदुषण कितना पवित्र होता है। मिडिया कहती है की पक्षी मर जाते हैं पर मिडिया ने यह नहीं बताया की क्रिसमस के दिन भी लाखों जानवरों को मरना पड़ता है। मिडिया यह भी नहीं बताती की लाखों जानवर ईद के दिन मारे जाते हैं।

दिवाली पर चमक धमक मत करो इससे बिजली का दुरूपयोग होता है – अरे बिकाऊ मिडिया वालो क्रिसमस के दिन जो बल्ब जल रहे थे वो बिना बिजली के था क्या ? यह सवाल मैं उस मिडिया के दलाल से पूछ रहा हूँ जो बता रहे थे की दिवाली पर बल्ब जगाने से क्या होता है।

बिकाऊ मिडिया हिन्दुओ को बेवकूफ बनाती है – कुछ लोग मिडिया की इस बात को मानते हैं और अपने घर में ख़ुशी के दिन कोई ख़ुशी नहीं मनाते है। वो वही हिन्दू होते है जो क्रिसमस को अपना सबसे बड़ा त्यौहार मानते हैं।