प्राइवेट स्कूलों का बस नहीं चलता वरना तो ये सीधे-सीधे आपकी जायदाद में आधा हिस्सा मांग लें


भारत जैसे आगे बढ़ रहा है वैसे ही खर्चा आसमान छू रहा है। पहले कहा जाता था की अपने बच्चों को पढाओ पर अब तो कहने लगे हैं की बच्चों को पढाने के लिए भी पिता और माता को पढ़ा लिखा होना चाहिए। भाई मुझे तो हैरानी होती है जब मैं किसी प्राइवेट स्कूल की फ़ीस के बारें में सुनता हूँ। सरकारी स्कूल में सरकार कुछ नहीं कर रही है और प्राइवेट स्कूल वालें अपने मन मर्जी के फ़ीस बनाये बैठे है। ऐसा लगता है की भारत के लोगों की कमर किसी और ने नहीं, प्राइवेट स्कूल की फ़ीस ने तोड़ी हैं।

स्कूल या लूटेरों का घर – आज कल एक जोक बहुत तेजी से वायरल हो रहा है, उसमे पूछा जाता है की ‘बच्चों स्कूल किसे कहते हैं! एक बच्चा जबाव देता है की स्कूल वो जगह हैं जहाँ बच्चों के बाप को लूटा जाता है , और बच्चों को कुटा जाता है। जब इस जोक की गहराई में सोचा जाता है तो यह बिलकुल सच है। पर क्या करे जब सरकारी स्कूल में अच्छी पढाई नहीं होती है तो प्राइवेट स्कूलों में तो जाना पड़ता ही हैं।

क्या कर रही है मोदी सरकार – अब सवाल आता है की जनता का भला चाहने वाली सरकार यानी मोदी सरकार क्या कर रही है ? हाल ही में एक खबर से पता चला है मोदी सरकार ने प्राइवेट स्कूलों के लिए एक नया प्लान बनाने की ठान ली हैं। बहुत जल्द लोगों के बिच वो प्लान आएगा। ऐसे मोदी सरकार किसी भी प्राइवेट स्कूल को नहीं छोड़ने वाली हैं।

स्कूलों में होगा परिवर्तन – मोदी सरकार के प्लान के अनुसार सरकारी स्कूल में भी अनेक परिवर्तन किये जायेंगे। खबर के अनुसार प्राइवेट स्कूल की फ़ीस सरकार की तरफ से तय की जायेगी ऐसे में किसी भी स्कूल की मनमर्जी नहीं चलेगी। यदि कोई स्कूल ऐसा करता है तो उसकी मान्यता समाप्त कर दी जायेगी।

स्कूल में कालेधन का धंधा खत्म हो जाएगा – मोदी सरकार के अनुसार स्कूल में जो कालेधन का व्यापार होता है वो पूरी तरह से खत्म हो जाएगा। मोदी सरकार के अनुसार स्कूलों को भी कैशलेस बना दिया जाएगा ऐसे में कोई भी स्कूल अपनी मनमर्जी की फ़ीस नहीं ले पायेगा।